संदेश

विक्रम और बेताल की कहानी 05 लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Moral stories / Bodh katha - हाथी और चिड़ियाँ की कहानी

Moral stories / Bodh katha हाथी और चिड़ियाँ की कहानी  The Sparrow And The Elephant चिंदरबन के जंगल में एक पेड़ पर घोंसले में चिऊ चिड़ियाँ और उसका पति काऊ दोनों एक साथ आनंद से रहते थे। कुछ दिन के बाद चिऊ ने अंडे दे दिए। दोनों बहोत ख़ुशी में थे। एक दिन काऊ चिऊ के लिए खाने का बंदोबस्त करने गया क्योंकि चिऊ अंडे से ने के लिए बैठी, वो उठ नहीं सकती थी। वही पेड़ के निचे से एक बड़ा हाथी हररोज तालाब में पानी पिने के लिए जाता था लेकिन वह बहुत बड़ा और अड़ियल होने से अजु बाजु के पेड़ पौंधो को नुकसान पहुंचता था, तभी उसे डरकर कोई उसे बोल नहीं पता था। उस दिन वह हाथी आया और चिऊ जहाँ बैठी थी वह पेड़ पर सूंड मरकर पेड़ हिला रहा था। तब चिऊ ने उसे कहा, "ओ, हाथी भैय्या कृपा करके पेड़ को नुकसान मत पहुँचाना मेरा घोंसला और उसमे अंडे है मेरे।" हाथी और चिड़ियाँ की कहानी   उसपर हाथी को बहुत गुस्सा आया उसका अहंकार जाग उठा, और चिऊ को बोला, "तुम्हारी इतनी हिम्मत के तुम मुझे बोल रही हो, इतनी पिद्दी सी होकर भी." और ऐसा कहकर उसने वह पेड़ जो जोर से हिलाया और वहां से चला गया। लेकिन हाथी ने पेड़ हिलाया उसमे चि...

विक्रम और बेताल की कहानी 05

चित्र
  विक्रम और बेताल की कहानी 05 सबसे त्याग किसका? अनंतपुर नगर में धर्मदत्त नाम का एक लड़का तालाब के किनारे , बाग में सैर कर रहा था। वहां उसने मदनसेना नाम की एक सुन्दर लड़की को बाग़ में देखा। मदनसेना को देखते ही धर्मदत्त उससे प्रेम करने लगा। घर लौटकर वह सारी रात करवटें बदलते उसके लिए बैचेन रहा। अगले दिन सुबह वह फिर बाग़ में गया। मदनसेना वहाँ अकेली बैठी थी। उसके पास जाकर उसने कहा , " मैं तुमसे बहुत प्यार करता हु , अगर तुम मुझसे प्यार नहीं करोगी तो मैं प्राण दे दूँगा। " अगले दिन जब धर्मदत्त तालाब के किनारे गया वहां मदनसेना उसका इंतजार कर रही थी। धर्मदत्त के आते ही मदनसेना ने उससे कहा , " मेरी दो दिन में समुद्रदत्त नाम के लड़के से शादी होने वाली है मैं तुमसे शादी के दिन रात को मिलूंगी।   दो दिन में मदनसेना का विवाह हो गया और वह जब अपने पति के पास गयी तो उदास होकर बोली , " आप मुझ पर विश्वास करें और मुझे अभय दान दें तो एक ...